योगात्मक उपायों की मशीनी
प्रक्रिया
योगात्मक उपायों की यह
क्रिया मशीनी क्रिया इसलिए कहलाती हैं. क्योंकि इस क्रिया को करते समय लगातार
शब्दों का प्रयोग करना पड़ता हैं. मशीनी क्रिया को करने से पहले की दोनों क्रियाओं
को ध्यान में रख कर करें. योगात्मक उपायों की मशीनी प्रक्रिया को पृथ्वी के पाँचों
तत्वों को प्राप्त करने के लिए, ज्योतिष शास्त्र में ध्यान केन्द्रित करने के लिए तथा
भविष्य के बारे में जानने वाली विद्या में ध्यान केन्द्रित करने के लिए किया जाता
हैं.
मशीनी क्रिया को कैसे करें
·
मशीनी क्रिया को प्रारम्भ
करने के लिए एक शांत स्थान पर बैठ जायें. CLICK HERE TO READ TRATK KRIYA ...
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Yogatmak Upayo ki Mashini Prakriya |
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इस उपाय को करने के लिए
अग्नि, जल, वायु, भूमि तथा आकाश तत्व के बीज मन्त्रों का उच्चारण किया जाता हैं.
इन पांचों तत्वों के बीज मन्त्रों का उच्चारण करने के लिए मुख के विभिन्न भागों
जैसे – कंठ, तालू, दांत आदि का प्रयोग किया जाता हैं.
1.
भूमि तत्व – भूमि तत्व से ही पूरे संसार की रचना हुई हैं. अगर आप
योगात्मक उपाय की मशीनी क्रिया के द्वारा भूमि तत्व को प्राप्त करना चाहते हैं तो
इसे प्राप्त करने के लिए होठों से उच्चारण किया जाने वाले बीज मन्त्र का उच्चारण
करे.
2.
अग्नि तत्व – अग्नि तत्व को प्राप्त करने के लिए बीज मन्त्र को दांतों
से उच्चरित करना चाहिए.
3.
आकाश तत्व - आकाश तत्व वह तत्व हैं जिस पर पृथ्वी के अन्य तत्व
निर्भर रहते हैं. इस तत्व को प्राप्त करने के लिए गले से उच्चारण होने वाले बीज
मन्त्रों का प्रयोग करना चाहिए. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POST ...
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योगात्मक उपायों की मशीनी प्रक्रिया |
4.
वायु तत्व – वायु तत्व प्रमुख विषयों की तथा वस्तुओं की पहचान करता
हैं. इस तत्व को प्राप्त करने के लिए तालू से उच्चरित होने वाले बीज मन्त्र का
उच्चारण करना चाहिए.
5.
जल तत्व –संसार का अधिकांश हिस्सा जल तत्व से भरा हुआ हैं. अगर आप
जल तत्व को प्राप्त करन चाहते हैं तो इस
तत्व को प्राप्त करने के बीज मन्त्र का उच्चारण जीभ की सहायता से करें.
·
पांचों तत्वों का लगातार
उच्चारण करते हुए अगर आपको नींद आ रही हैं या गला सूख रहा हैं तो आप बिच – बिच में
पानी पी सकते हैं.
·
ज्योतिष शास्त्र के ज्ञान
को प्राप्त करने के लिए तथा भविष्य के बारे में जानने के लिए योगात्मक उपायों की
दूसरी क्रिया का तथा तालू से उच्चरित होने वाले बीज मन्त्र का उच्चारण करना चाहिए.
उदाहरण – भविष्य के बारे में जानने के लिए या ज्योतिष भागवत की
प्राप्ति के लिए “ क्रां क्रीं क्रौं ” बीजों का बिना रुके उच्चारण करते हुए अपना ध्यान अपनी नाक
के ऊपर पर के भाग पर लगायें.
ध्यान केन्द्रित करने का
तथा मन एवं चित्त को शांत करने के लिए मशीनी क्रिया बहुत ही लाभदायक होती
हैं.
योगात्मक उपायों की मशीनी
प्रक्रिया के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल
कर सकते है.
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Mechanical Process of Yoga |
Yogatmak
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Process of Yoga, Tratak
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Vaayu Tatv.
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